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प्रेम नदी सुवासिक निर्मळ पार नौका प्रकृती सखी खांदा विसरली बिलगली सागर पाखरे जन्म अस्तित्व ओढ जीवनाचा सार अथांग मराठी

Marathi नदी सागर Poems